अमृत की बरसे बदरिया लिरिक्स - Amrit Ki Barse Badariya Lyrics | Lakhbir Singh Lakkha
जय हो अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया जय माँ जय माँ जय माँ जय माँ दातुर मोर पपीहा बोले पपीहा बोले पपीहा बोले दातुर मोर पपीहा बोले कूके जय हो कूके जय हो कूके काली कोयलिया ओए मेरी माँ की दुअरिया अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया शीश मुकुट कानों में कुण्डल सोहवे जय हो सोहवे जय हो सोहवे लाल चुनरिया ओए मेरी माँ की दुअरिया सोहवे लाल चुनरिया मेरी माँ की दुअरिया देखो अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया माथे की बिन्दिया चम चम चमके चम चम चमके चम चम चमके माथे की बिन्दिया चमचम चमचम चमके जैसे जय हो जैसे जय हो जैसे गगन में बिजुरिया अम्बे माँ की दुअरिया अमृत की बरसे बदरिया ओए मेरी माँ की दुअरिया सूरज चन्दा आरती उतारे पवन जय हो पवन जय हो पवन बुहारे डगरिया मेरी माँ की दुअरिया अमृत की बरसे बदरिया अम्बे माँ की दुअरिया ब्रम्हा बिष्णु शंकर नाचे शंकर नाचे भोला नाचे होये ब्रम्हा बिष्णु शंकर नाचे मोहन जय हो मोहन जय हो मोहन बजाए बाँसुरिया ओ मेरी माँ की दुअरिया अमृत की बरसे बदरिया मेरी माँ की दुअरिया ओ प...